कलियुग का प्रारम्भ कब हुआ और नक्षत्रों की स्थिति। - भागवत पुराण

कलियुग का प्रारम्भ कब हुआ - भागवत पुराण

कलियुग पारम्परिक भारत का चौथा युग है। आर्यभट के अनुसार महाभारत युद्ध 3136 ई.पू. में हुआ। कलियुग का आरम्भ कृष्ण के इस युद्ध के ३५ वर्ष पश्चात निधन पर हुआ। भागवत पुराण के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के इस पृथ्वी से प्रस्थान के तुंरत बाद 3102 ई.पू. (5102 वर्ष) पूर्व से कलि युग आरम्भ हो गया।

भागवत पुराण अनुसार कलियुग का प्रारम्भ कब हुआ, उस वक्त नक्षत्रों की स्थिति क्या थी और कलियुग का कितने समय का होता है? इन प्रश्नों का उत्तर शुकदेव जी ने परीक्षित को श्रीमद्भागवत महापुराण द्वादश स्कन्ध द्वितीयोऽध्याय में दिया है। वे इस प्रकार है -

सप्तर्षीणां तु यौ पूर्वौ दृश्येते उदितौ दिवि ।
तयोस्तु मध्ये नक्षत्रं दृश्यते यत्समं निशि ॥ २७ ॥
तेनैव ऋषयो युक्ताः तिष्ठन्त्यब्दशतं नृणाम् ।
ते त्वदीये द्विजाः काले अधुना चाश्रिता मघाः ॥ २८ ॥
- भागवत पुराण १२.२.२७-२८

भावार्थः - जिस समय आकाश में सप्तर्षियों का उदय होता है, उस समय पहले उनमें से दो ही दिखायी पड़ते हैं। उनके बीच में दक्षिणोत्तर रेखा पर समभाग में अश्विनी आदि नक्षत्रों में से एक नक्षत्र दिखायी पड़ता है। उस नक्षत्र के साथ सप्तर्षिगण मनुष्यों की गणना से सौ वर्ष तक रहते हैं। वे तुम्हारे (परीक्षित के) जन्म के समय और इस समय भी मघा नक्षत्र पर स्थित हैं।

कलियुग का प्रारम्भ और कुल समय

यदा देवर्षयः सप्त मघासु विचरन्ति हि ।
तदा प्रवृत्तस्तु कलिः द्वादशाब्द शतात्मकः ॥ ३१ ॥
- भागवत पुराण १२.२.३१-३२

भावार्थः - परीक्षित! जिस समय सप्तर्षि मघा नक्षत्र पर विचरण करते रहते हैं, उसी समय कलियुग का प्रारम्भ होता है। कलियुग की आयु देवताओं की वर्ष गणना से बारह सौ वर्षों की अर्थात् मनुष्यों की गणना के अनुसार चार लाख बत्तीस हजार वर्ष की है।

कलियुग के प्रारम्भ में नक्षत्रों की स्थिति

यदा मघाभ्यो यास्यन्ति पूर्वाषाढां महर्षयः ।
तदा नन्दात् प्रभृत्येष कलिर्वृद्धिं गमिष्यति ॥ ३२ ॥
- भागवत पुराण १२.२.३२

भावार्थः - जिस समय सप्तर्षि मघा से चलकर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जा चुके होंगे, उस समय राजा नन्द का राज्य रहेगा। तभी से कलियुग की वृद्धि शुरू होगी।

अस्तु, तो कलियुग के अंत में भगवान अवतार लेंगे और कलियुग का अंत होगा और फिर से सतयुग की शुरुआत होगी। अवस्य पढ़े कलियुग के अंत में भगवान कल्कि अवतार - भागवत पुराण

You Might Also Like

भगवान कृष्ण का जन्म कब और किस युग में हुआ? - वैदिक व वैज्ञानिक प्रमाण

भगवान राम का जन्म कब और किस युग में हुआ? - वैदिक व वैज्ञानिक प्रमाण

माँ सरस्वती वंदना मंत्र | Saraswati Vandana

क्यों तुलसीदास जी ने लिखा ढोल गवाँर सूद्र पसु नारी? क्या सही अर्थ है?

राधा जी का विवाह किससे हुआ? उनके पति का क्या नाम है? - ब्रह्म वैवर्त पुराण अनुसार