भगवान के नाम की महिमा - वेद, पुराण और रामायण के अनुसार।
भगवान के नाम की महिमा का प्रचार बहुत से संतों ने तथा वेद, पुराण और रामायण तक ने किया है। कुछ लोग ऐसा सोचते है कि केवल कलियुग में ही भगवान के नाम की महिमा है, शेष ३ युग में बिना नाम के ही सब कुछ मिल जाता था? परन्तु ऐसा बिलकुल नहीं है। जो नियम आज है वो पहले भी थे और आगे भी रहेंगे। अतएव तुलसीदास जी ने कहा श्रीरामचरितमानस बालकाण्डचह…