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भगवान कृष्ण का जन्म कब और किस युग में हुआ? - वैदिक व वैज्ञानिक प्रमाण

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वैदिक प्रमाण द्वारा कृष्ण का जन्म श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में हुआ था। भागवत पुराण में कृष्ण-जन्म के सम्बन्ध में निम्नलिखित वर्णन उपलब्ध है:- श्रीशुक उवाच
अथ सर्वगुणोपेतः कालः परमशोभनः।
यर्ह्येवाजनजन्मर्क्षं शान्तर्क्षग्रहतारकम्॥१॥
दिशः प्रसेदुर्गगनं निर्मलोडुगणोदयम्।
मही मङ्गलभूयिष्ठ पुरग्रामव्रजाकरा॥२॥
नद्यः प्रसन्नसलिला ह्रदा जलरुहश्रियः।
द्विजालिकुलसन्नाद स्तवका वनराजयः॥३॥
- भागवत पुराण १०.३.१-३ भावार्थः - श्री शुकदेव जी कहते हैं - परीक्षित! अब समस्त शुभ गुणों से युक्त बहुत सुहावना समय आया। रोहिणी नक्षत्र था। आकाश के सभी नक्षत्र, ग्रह और तारे शान्त-सौम्य हो रहे थे। दिशाऐं स्वच्छ, प्रसन्न थीं। निर्मल आकाश में तारे जगमगा रहे थे। पृथ्वी के बड़े-बड़े नगर, छोटे-छोटे गाँव, अहीरों की बस्तियाँ और हीरे आदि की खानें मंगलमय हो रहीं थीं। नदियों का जल निर्मल हो गया था। रात्रि के समय भी सरोवरों में कमल खिल रहे थे। वन में वृक्षों की पत्तियाँ रंग-बिरंगे पुष्पों के गुच्छों से लद गयीं थीं। कहीं पक्षी चहक रहे थे, तो कहीं भौंरे गुनगुना रहे थे। यदुवंशेऽवतीर्णस्य भवतः पुरुषोत्तम।
शरच्छतं व्यतीयाय…

दर्शन क्या है?

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दर्शन क्या है, इसका अर्थ, यह ‘Philosophy’ से कैसे भिन्न है, हमारे जीवन में इसका क्या महत्व है, एक दार्शनिक होना क्या होता है? हम इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। 'Philosophy’ शब्द का अर्थ प्रायः लोग ‘Philosophy’ को ‘दर्शन’ समझते है। किन्तु, यह सत्य नहीं है। ‘Philosophy’ ग्रीक के शब्द ‘Philo और Sophia’ से बना है। ज…

नवधा भक्ति क्या है? - रामचरितमानस

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व्यक्ति अपने जीवन में कई प्रकार की भक्ति करता है। उनमें से, ईश्वर भक्ति के अंतर्गत नवधा भक्ति आती है। ‘नवधा’ का अर्थ है ‘नौ प्रकार से या नौ भेद’। अतः ‘नवधा भक्ति’ यानी ‘नौ प्रकार से भक्ति’। इस भक्ति का विधिवत पालन करने से भक्त भगवान को प्राप्त कर सकता है। जिन भक्तों ने भगवान को प्राप्त नहीं किया है और जिन्होंने प्राप्त किया है…

नवधा भक्ति क्या है? - भागवत पुराण

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व्यक्ति अपने जीवन में कई प्रकार की भक्ति करता है। जैसे देश भक्ति, मातृ (माता)-पितृ भक्ति, देव भक्ति, गुरु भक्ति, ईश्वर भक्ति इत्यादि। इनमें से, ईश्वर भक्ति के अंतर्गत नवधा भक्ति आती है। ‘नवधा’ का अर्थ है ‘नौ प्रकार से या नौ भेद’। अतः ‘नवधा भक्ति’ यानी ‘नौ प्रकार से भक्ति’। इस भक्ति का विधिवत पालन करने से भक्त भगवान को प्राप्त …

भक्ति की परिभाषा क्या है? - नारद भक्ति सूत्र

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हमने अपने लेख में अब तक आपको बताया कि मूल रूप से भक्ति क्या है? अब भगवान को केंद्र में रखते हुए, यह जानने की कोशिश करेंगे कि भक्ति क्या है, भक्ति की परिभाषा क्या है? यानी यह लेख ईश्वर भक्ति या कहें भगवान की भक्ति के बारे में है। ध्यान दे, ईश्वर भक्ति बहुत बड़ा विषय है, अतः संछेप में बताना कठिन है। वैसे तो, ईश्वर भक्ति मार्ग के …

भक्ति क्या है? भक्ति की परिभाषा?

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वेद, शास्त्र, पुराण, गीता आदि ग्रंथों में अनेकों प्रकार की भक्ति का वर्णन है - जैसे नवधा भक्ति, प्रेमा भक्ति, साधन भक्ति, देश भक्ति, मातृ (माता) भक्ति, पितृ भक्ति, गुरु भक्ति, देव भक्ति इत्यादि। लेकिन ये भक्ति देश, मातृ, पितृ, गुरु, देवता आदि के संदर्भ में परिभाषित हैं। किन्तु, प्रश्न यह है कि मूल रूप से भक्ति क्या है, भक्ति क…

भगवान कृष्ण के शरीर का रंग काला है या नीला?

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भगवान श्री कृष्ण के शरीर का रंग जो है, वही श्री राम और श्री विष्णु का भी हैं। ग्रंथों में भगवान के तीनों रूपों के रंग अलग-अलग है, ऐसा नहीं कहा गया। अतः विश्व में कई मंदिर हैं जहां श्री कृष्ण, श्री राम और श्री विष्णु की मूर्ति या तो काले या नीले रंग की है। और नीले और काले रंग में भी बहुत अंतर है। कुछ स्थानों पर हल्के नीले-काले र…

वर्ण व्यवस्था क्या है? - गीता अनुसार

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वर्ण व्यवस्था क्या है? इस बारे में लोगों में बहुत भ्रांति है। कुछ लोग वेद, रामायण, गीता और मनुस्मृति का नाम लेते हैं, और कहते हैं कि वर्ण व्यवस्था समाज को बाटने तथा छोटे वर्ण वालों पर अत्याचार का साधन है तथा यह सनातन धर्म की कुप्रथा है इत्यादि। लेकिन, जो लोग ऐसी बातें करते हैं, उन्होंने इन ग्रंथों का स्वाध्याय सही ढंग से नहीं …

रामनवमी क्यों मनाया जाता है?

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रामनवमी का त्यौहार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाया जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था। राम नवमी का त्यौहार भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्री राम का जन्म त्रेता युग में हुआ था, जिसका वर्णन आदिकाव्य वाल्मीकीय रामायण में उपलब्ध है:- ततो यज्ञे…