Featured post

धनतेरस क्यों मनाया जाता है?

Image
धनतेरस सनातन धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। लेकिन, क्यों धनतेरस मनाया जाता है? यह बहुत ही कम लोगों को ज्ञात है। प्रायः लोग इस दिन धन बढ़ाने के लिए कई उपाय करते हैं, इस लेख में हम वो उपाय भी बतायेंगे। धनतेरस के दिन अधिकांश लोग सोना-चाँदी के आभूषण अथवा बर्तन क्रय करते (खरीदते) है। लेकिन क्यों? क्या कारण है? विस्तार से इस लेख में जानेंगे। धनतेरस त्यौहार मनाने का कारण? कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन समुद्र मंथन के समय हाथों में अमृत कलश लिए भगवान विष्णु ही धन्वन्तरि रूप में प्रकट हुए। इस विषय में भागवत पुराण में कहा गया- अमृतापूर्णकलसं बिभ्रद्वलयभूषितः। वै भगवतः साक्षाद्विष्णोरंशांशसम्भवः॥३५॥ धन्वन्तरिरिति ख्यात आयुर्वेददृगिज्यभाक्। - भागवत पुराण ८.८.३५ -३६ अर्थात् :- उनके हाथों में अमृत से भरा हुआ कलश था। वे साक्षात विष्णु भगवान के अंशांश अवतार थे। वे ही आयुर्वेद के प्रवर्तक (जनक) और यज्ञ भोक्ता धन्वन्तरि नाम से सुप्रसिद्ध हुए। श्रीकृष्ण उवाच - नारायणांशो भगवान्स्वयं धन्वन्तरिर्महान्। पुरा समुद्रमथने

राम जन्म भूमि का फैसला, इन श्लोकों और चौपाइयां का दिया गया प्रमाण

Image
सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम जन्म भूमि मामले में 9 नवम्बर 2019 को फैसला सुनाया था, जिसमें Archaeological Survey of India के द्वारा प्राप्त मूर्तियाँ, खम्भे और अन्य प्रमाण भी दिए गए। उसमें पुराण, वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के प्रमाण भी दिए गए। अतः वो सब प्रमाण हम आपको इस लेख में बतायेंगे। यदपि सुप्रीम कोट ने सब प्रमा…

कर्मकाण्ड

Image
वैदिक संस्कृति का कर्मकाण्ड प्रधान अंग है। यह मनुष्य की अनेकों भौतिक और आध्यात्मिक इच्छाओं को पूर्ण करता है। कई प्राचीन ऋषि-महर्षिय जो कर्मकाण्डी थे, वे शास्त्रों के अनुसार ही अपना जीवन व्यतीत किया करते थे और कर्मकाण्ड के द्वारा अपना और जगत का कल्याण किया करते थे। आपको बता दे कि सम्पूर्ण वैदिक धर्म (या कहें वेद) ती…

भक्तिकाण्ड / उपासनाकाण्ड

Image
वेदों में कई मार्ग हैं जिनके माध्यम से मनुष्य अपने परम् लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मूलतः वेद तीन काण्डों में विभक्त है अर्थात् तीन मार्ग है अपने परम् लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए - १. कर्मकाण्ड २. ज्ञानकाण्ड ३. भक्ति / उपासनाकाण्ड। इस लेख में, हम भक्ति / उपासनाकाण्ड के बारे में जानेंगे, की भक्तिकांड क्या है, इ…

ज्ञानकाण्ड

Image
वेदों में कई मार्ग हैं जिनके माध्यम से मनुष्य अपने परम् लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। मूलतः वेद तीन काण्डों में विभक्त है अर्थात् तीन मार्ग है - १. कर्मकाण्ड २. ज्ञानकाण्ड ३. भक्ति / उपासनाकाण्ड। इस लेख में, हम ज्ञानकांड / ज्ञान मार्ग के बारे में जानेंगे, की ज्ञानकाण्ड क्या है, इसके कितने भाग हैं और कितने ग्रंथ …

जगन्नाथ मंदिर में रखा है भगवान कृष्ण का दिल? - महाभारत और भागवत पुराण अनुसार

Image
श्री जगन्नाथ पुरी के मंदिर में आज भी एक मूर्ति में सुरक्षित है श्रीकृष्ण का दिल! ऐसे बहुत से लेख आज-कल लोग प्रकाशिक कर रहे है। और कुछ लोगों ने तो श्रीकृष्ण के दिल की तुलना Marvel Cinematic Universe के Iron Man के Arc Reactor से कर दी। आश्रय तो यह है की बहुत से लोग इस पर विश्वास करते है। बिना यह जाने की श्री कृष्ण की …

गीता को गीता क्यों कहते है?

Image
गीता का अर्थ क्या है? इसे कुछ लोग गीतोपनिषद् क्यों कहते है? क्या गीतोपनिषद् कहना सही है? श्रीमद्भगवद्गीता को गीता क्यों कहते है? प्रश्न थोड़े अजीब है, लेकिन कई लोग इन प्रश्नों का उत्तर जानना चाहते है। इसलिए हम इन प्रश्नों पर एक-एक करके पर विस्तार से चर्चा करेंगे। गीता का शाब्दिक अर्थ क्या है? गीता शब्द का कोई अर्थ नह…

श्रीमद्भगवद्गीता - क्यों, क्या, किसने, महत्त्व?

Image
गीता क्यों कहा गया? क्या अर्जुन वाकई में अज्ञानी था? गीता किसने लिखी? गीता का महत्व? गीता में कितने अध्याय है? क्या गीता को पढ़ने से मन में संन्यास की भावना होती है? इत्यादि कई प्रश्न है जिन्हें जानना आवश्यक है। इस लेख में हम श्रीमद्भगवद्गीता के विषय में जानेंगे, उसके माहात्म्य के विषय में जानेंगे। क्यों गीता कही गयी? …

गीता स्मृति है या श्रुति? - ब्रह्मसूत्र, शंकराचार्य अनुसार

Image
श्रीमद्भगवद्गीता जिसे स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन से कहा था, उसके बारे में समाज के कुछ वर्गों में मतभेद हैं। क्या है वह मतभेद? वो यह है कि गीता श्रुति है या स्मृति? गीता के विषय में कुल तीन प्रकार की बातें कहीं जाती हैं - १. गीता श्रुति है २. गीता स्मृति है ३. गीता श्रुति और स्मृति दोनों है। अतः इनमें से कौन सा …