× Subscribe! to our YouTube channel

ऋग्वेद

ऋग्वेद
ऋग्वेद को दो प्रकार से बाँटा गया है। प्रथम प्रकार में इसे १० मण्डलों में विभाजित किया गया है। मण्डलों को सूक्तों में, सूक्त में कुछ ऋचाएं होती हैं। कुल ऋचाएं १०५२० हैं। दूसरे प्रकार से ऋग्वेद में ६४ अध्याय हैं। आठ-आठ अध्यायों को मिलाकर एक अष्टक बनाया गया है। ऐसे कुल आठ अष्टक हैं। फिर प्रत्येक अध्याय को वर्गों में विभाजित किया गया है। वर्गों की संख्या भिन्न-भिन्न अध्यायों में भिन्न भिन्न ही है। कुल वर्ग संख्या २०२४ है। प्रत्येक वर्ग में कुछ मंत्र होते हैं। सृष्टि के अनेक रहस्यों का इनमें उद्घाटन किया गया है। पहले इसकी २१ शाखाएं थीं परन्तु वर्तमान में इसकी शाकल शाखा का ही प्रचार है।

ऋग्वेद के विषय में कुछ प्रमुख बातें निम्नलिखित है-

ॠग्वेद के कई सूक्तों में विभिन्न वैदिक देवताओं की स्तुति करने वाले मंत्र हैं। यद्यपि ॠग्वेद में अन्य प्रकार के सूक्त भी हैं, परन्तु देवताओं की स्तुति करने वाले स्तोत्रों की प्रधानता है।
ॠग्वेद में कुल दस मण्डल हैं और उनमें १०२८ सूक्त हैं और कुल १०,५८० ॠचाएँ हैं। इन मण्डलों में कुछ मण्डल छोटे हैं और कुछ बड़े हैं।

You Might Also Like

सबसे बड़े भगवान कौन है, राम कृष्ण शंकर या विष्णु?

क्यों वेदव्यास जी ने श्रीमद्भागवत पुराण लिखा? भागवत पुराण लिखने की कथा।

क्या है वास्तविक वेदान्त का भाष्य? - वेदव्यास द्वारा

धर्म क्या है? धर्म के प्रकार? परधर्म व अपरधर्म क्या है?

गुरु मंत्र अथवा दीक्षा कब मिलती है?

माया क्या है? माया की परिभाषा और उसके प्रकार?

देवी-देवता और भगवान में क्या अंतर है?

भगवान राम का जन्म कब और किस युग में हुआ? - वैदिक व वैज्ञानिक प्रमाण