श्री कृष्ण ने राधा से कैसे और कहाँ विवाह किया? - ब्रह्म वैवर्त पुराण अनुसार

ब्रह्म वैवर्त पुराण अनुसार जब श्री महादेव जी ने माता पार्वती को राधा के जन्म के बाद, राधा जी के छाया का विवाह यशोदा के भाई रायाण के बारे में बताया। फिर कृष्ण के साथ श्री राधा का विवाह कैसे हुआ यह बताया।

श्री कृष्ण का श्री राधा से विवाह

कृष्णेन सह राधायाः पुण्ये वृन्दावने वने।
विवाहं कारयामास विधिना जगतां विधिः॥४३॥
- ब्रह्मवैवर्तपुराण खण्ड २ प्रकृतिखण्ड अध्याय ४९

संक्षिप्त भावार्थ:- (श्री महादेव जी ने कहा -) वृन्दावन नामक पवित्र वन में जगत के रचयिता ब्रह्मा ने श्री कृष्ण के साथ साक्षात श्रीराधा का विधिपूर्वक विवाह कर्म सम्पन्न कराया था।

स्वप्ने राधापदाम्भोजं नहि पश्यन्ति बल्लवाः।
स्वयं राधा हरेः क्रोडे छाया रायाणमन्दिरे॥४४॥
- ब्रह्मवैवर्तपुराण खण्ड २ प्रकृतिखण्ड अध्याय ४९

संक्षिप्त भावार्थ:- (श्री महादेव जी ने कहा -) जिस राधा के चरणकमल को गोपगण स्वप्न में भी नहीं देख सकते थे, वही स्वयं राधा भगवान श्री कृष्ण के अंश में स्थित थी और उनकी छाया रायाण के भवन में विराजमान थी।

अर्थात् साक्षात राधा श्री कृष्ण के वक्षःस्थल में वास करती थीं और छाया राधा रायाण के घर में। (रायाण भी श्री कृष्ण के अंश ही थे।)

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